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Jyotirao Phule Biography | ज्योतिबा फुले की जीवनी

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स्मरणीय बिंदु:-

  • ज्योतिबा फुले 1873 में सत्यशोधक समाज की स्थापना की थी

ज्योतिबा फुले की जीवनी (Jyotirao Phule Biography ):-

पूरा नाम- ज्योतिराव गोविंदराव फुले

जन्म ( Born) – 11 अप्रैल 1827

मृत्यु (Died) – 28 नवंबर 1890

जन्म स्थान- पुणे, महाराष्ट्र

पिता – गोविंदराव

माता – विमला बाई

ज्योतिबा फुले (Jyotirao Phule )

  • ज्योतिबा फुले भारत के महान विचारक समाजसेवी लेखक दार्शनिक और क्रांतिकारी कार्यकर्ता थे
  • ज्योतिबा फुले का पूरा नाम ज्योतिराव गोविंदराव फुले था
  • ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को माली जाति में पुणे महाराष्ट्र में हुआ था
  • ज्योतिबा फुले के पिता का नाम गोविंदराव और माता का नाम विमला बाई था
  • जिस दौर में दलित और अन्य पिछड़ी जातियों को मंदिर स्कूल कुंआ इत्यादि जगहों पर जाने को रोक था उस माहौल का सामना करते हुए फुले ने शिक्षा प्राप्त की
  • 13 वर्ष की आयु में सावित्रीबाई फुले से इनका विवाह हुआ
  • ज्योतिबा पढ़ने के शौकीन थे वह कोर्स की किताबों के अलावा अन्य किताबें भी पढ़ते थे
  • थॉमस पेन की किताब राइट्स ऑफ मैन एवं द एज ऑफ रीजन ने उनको बहुत गहरे स्तर तक प्रभावित किया
  • शिक्षा के दौरान ही फुले भेदभाव को लेकर चिंतित थे और सबसे बड़ी चीज़ सोचते थे कि लोग इसके खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाते
  • धीरे-धीरे शिक्षा प्राप्त कर फुले समझने लगे की पिछड़े वर्गों के साथ भेदभाव का कारण है ज्ञान की कमी
  • महिलाओं को शिक्षित करने के लिए फुले में सबसे पहले अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले को पढ़ाया
  • फुले ने दलित लड़कियों के लिए 1848 में पहला स्कूल पुणे में खुला जो भारत के 3000 साल के इतिहास में ऐसा पहला स्कूल था जो दलितों के लिए खुला था
  • 1848 से 1852 के दौरान सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा फुले ने बिना किसी आर्थिक मदद के 18 विद्यालय खोले
  • 1855 में फुले ने रात्रिकालीन विद्यालय की भी शुरुआत की
  • स्कूल के अलावा फुले ने पुस्तकालय की भी शुरुआत की
  • ब्रिटिश सरकार ने ज्योतिबा और सावित्री के शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए 16 नवंबर 1852 को इन्हें सम्मानित किया
  • फुले ने नई शिक्षा नीति में निम्न वर्ग में भी शिक्षा में योगदान दिया
  • ज्योतिबा और सावित्री ने बाल विधवा, बाल हत्या, विधवा विवाह पर भी काम किया
  • फुले ने 1853 में बालहत्या प्रतिबंधक गृह की स्थापना की जहां विधवाएं अपने बच्चों को जन्म दे सकती थी और यदि वह उसे रखने में असमर्थ होती तो वह बच्चे को इस गृह में रख कर जा सकती थी
  • फुले ने 1873 में सत्यशोधक समाज की स्थापना की जो पहली ऐसी संस्था थी जिसे दलित समुदाय के व्यक्ति ने शुरु की
  • सत्यशोधक समाज द्वारा पहला विधवा पुनर्विवाह 25 दिसंबर 1873 को संपन्न किया गया
  • ज्योतिबा को 1876 में अंग्रेज सरकार ने पूरे नगरपालिका का सदस्य बनाया उन्होंने इस दौरान दलित बस्ती में पानी पहुंचाने का काम किया
  • फूलों के आंदोलन के कारण ही सरकार को एग्रीकल्चर एक्ट पास करना पड़ा
  • दलित और वंचित समुदाय के लिए किए गए काम को देखते हुए ज्योतिबा को 19 मई 1888 को सम्मानित कर महात्मा की पदवी दी गई
  • 1888 में फूले के शरीर के दाएं अंग को लकवा मार दिया जिसके बाद वह बाएं हाथ से ही अपनी अंतिम किताब सार्वजनिक सत्यधर्म लिखकर पूरा किया
  • सेहत खराब होने के कारण 28 नवंबर 1890 को फुले का निधन हो गया

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Pushpendra Patel

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